नई दिल्ली जी20 लीडर्स घोषणा पत्र पर सभी देशों की सहमति बन गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख़ुद इसकी जानकारी दी.

#G20SummitDelhi

पीएम मोदी ने बताया, “हमारे टीम के हार्ड वर्क से और आप सभी के सहयोग से नई दिल्ली जी20 लीडर्स घोषणा पत्र पर आम सहमति बनी है.”

उन्होंने कहा, “मेरा प्रस्ताव है कि इस लीडर्स डिक्लेरेशन को भी एडॉप्ट किया जाए. मैं इस डिक्लेरेशन को एडॉप्ट करने की घोषणा करता हूं.”

उन्होंने कहा, “इस अवसर पर मैं हमारे मंत्रीगण, शेरपा और सभी अधिकारियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं. जिन्होंने अथाह परिश्रम करके इसे सार्थक किया है.”

नई दिल्ली घोषणा पत्र में किन चीज़ों का ज़िक्र है इस पर जी20 के भारतीय शेरपा अमिताभ कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली घोषणा पत्र किन चीज़ों पर केंद्रित है.

  • मजबूत, दीर्घकालीक, संतुलित और समावेशी विकास
  • सतत विकास लक्ष्यों पर आगे बढ़ने में तेज़ी
  • दीर्घकालीक भविष्य के लिए हरित विकास समझौता
  • 21वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थाएं
  • बहुपक्षवाद को पुर्नजीवित करना09
  • जी20 शिखर सम्मेलन में क्या क्या हो रहा है?

  • 09 सितंबर को जब जी20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई तो सुबह साढ़े दस से दोपहर डेढ़ बजे तक पहला सत्र ‘वन अर्थ’ पर आयोजित किया गया.

    वहीं ‘वन फैमिली’ पर दूसरा सत्र दोपहर 3 बजे से 4.45 बजे तक चला. अब शाम 7 बजे डिनर पर सभी राष्ट्राध्यक्ष मुलाक़ात करेंगे. जहां इनके बीच रात 8 बजे से 9.15 बजे तक बातचीत होगी.

    रविवार यानी जी20 सम्मेलन के आखिरी दिन ‘वन फ़्यूचर’ पर तीसरा सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित किया जाएगा. इस सत्र के बाद जी20 शिखर सम्मेलन समाप्त हो जाएगा.

    जी20 सम्मेलन के इतर भारत कई देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी कर रहा है.

    08 सितंबर यानी शुक्रवार को अमेरिका, बांग्लादेश और मॉरीशस के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई.

    09 सितंबर यानी शनिवार को ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, इटली से द्विपक्षीय वार्ता हो रही है.

    वहीं 10 सितंबर यानी रविवार को कनाडा, तुर्किए, यूएई और दक्षिण कोरिया से द्विपक्षीय वार्ता होगी.

    वहीं इस सम्मेलन में शामिल हो रहे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सोमवार यानी 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.

    पीएम मोदी के सामने लगे बोर्ड पर ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’

    नरेंद्र मोदी

  • इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित किए जा रहे जी-20 देशों के सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को जब पीएम मोदी अपना उद्घाटन भाषण दे रहे थे तो कई लोगों का ध्यान उनकी मेज़ पर रखे बोर्ड पर जा रहा था.

    उनके सामने रखे बोर्ड पर ‘भारत’ लिखा था. अतीत में ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ‘इंडिया’ लिखा हुआ देखा जाता रहा है.

    वहीं, बीते साल 15 नवंबर को इंडोनेशिया के बाली में जी-20 देशों का जो सम्मेलन हुआ था उसमें पीएम मोदी के सामने रखे बोर्ड पर ‘इंडिया’ लिखा था.

    बीते दिनों जी-20 सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के निमंत्रण पत्र में ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ लिखा होने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.

    शुक्रवार को ही संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि अगर भारत उसके पास औपचारिक मांग भेजता है और सभी औपचारिकताएं पूरी कर देता है तो वह संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड में ‘इंडिया’ का नाम ‘भारत’ कर देगा.

    कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने कहा कि मोदी सरकार देश का नाम ‘इंडिया’ से बदल कर ‘भारत’ करना चाहती है.

    उनका कहना था कि विपक्षी गठबंधन ने अपना नाम ‘इंडिया’ रखा है जिस वजह से बीजेपी सरकार जानबूझ कर अब ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ नाम का इस्तेमाल कर रही है.

    मीडिया रिपोर्टों में दावा भी किया जा रहा है कि 18 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के आगामी विशेष सत्र में इंडिया का नाम बदलकर भारत करने का प्रस्ताव भी लाया जा सकता है. हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *